Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
सावन की पूर्णिमा को एक बेहद महत्वपूर्ण त्यौहार होता है, जिसे संसार का पहला पर्व होने की संज्ञा है। लेकिन आज दुर्भाग्य से यह प्रचलन में नहीं है। इस पर्व को ‘श्रावणी उपाकर्म’ या ‘उपाकर्म’ कहते हैं। यह द्विजत्व को प्राप्त करने का पर्व होता है। द्विजत्व दोबारा जन्म लेने को कहते हैं, जो माता-पिता के बाद गुरु के यहाँ होता है। यानी उपाकर्म द्विज के शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का पर्व है। नए विद्यार्थियों का गुरुकुल या शिक्षालयों में प्रवेश इसी दिन से होना चाहिए, यह इसी के उत्सव का पर्व है।
उपाकर्म सावन के महीने में पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है और वृहस्पतिवार को उपाकर्म बड़े धूमधाम से मनाया जायेगा। इसी के साथ सावन का महीना भी समाप्त हो जायेगा और भाद्रपद का आगमन हो जायेगा। आपको बता दें कि सावन के महीने की पूर्णिमा तिथि को हम आध्यात्मिक शक्ति के विकास के लिए कृतज्ञता प्रकट करते हैं और उपाकर्म के साथ द्विज के शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि करते हैं। मालूम हो कि द्विजत्व नए जन्म की प्रक्रिया के पूरी होने का नाम है।
यहाँ एक बात ध्यान में रखने की ज़रूरत है कि हर मनुष्य का एक जन्म वह होता है, जो उसे अपने माता-पिता के द्वारा जैविक रूप में प्राप्त होता है और दूसरा जन्म गुरु के यहाँ होता है, जो उसमें प्रज्ञा के प्राम फूँकता है। गुरु के यहाँ नए जन्म की प्रक्रिया के पूरी होने को हम द्विजत्व कहते हैं। इसे दोबारा जन्म लेना या द्विजत्व कहते हैं। इस प्रकार, द्विज का अर्थ है दूसरा जन्म। दिलचस्प है कि यह जन्म चिन्तन, मनन, चरित्र और व्यवहार में पवित्रतता के समावेश के साथ सम्पन्न होता है।
अब बात करते हैं उपाकर्म की। उपाकर्म का सरल अर्थ है आरम्भ करना। जी हाँ, आपको बता दें कि जिन दिनों बालक गुरु के सानिध्य में रहकर शिक्षा प्राप्त किया करते थे उन दिनों नए विद्यार्थियों का प्रवेश या गुरुकुलों में शिक्षा सत्र का आरम्भ इसी दिन से होता था। ऐसे में चूँकि ज्ञान के आरम्भ का क्षण और गुरु से मिलन के पर्व से बड़ा कोई और त्यौहार हो ही नहीं सकता है। इसलिए उपाकर्म को संसार का पहला त्यौहार माना जाता है।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop App, वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.