Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
भारत के कोने-कोने में आज तालाबों के सूखने की कहानी बदस्तूर जारी है। उत्तर भारत के मैदान में ज़्यादातर तालाब अब सूख चुके हैं। जो कुछेक बचे हैं, उनका भी स्वास्थ कुछ ठीक ठाक नहीं है। यही हाल पूर्वी घाट के मैदानों का भी है, वहाँ भी तालाबों की यही स्तिथि है। इसके अलावा यदि बात करें भारत के पठारी भागों की तो वहाँ के तालाब तो पहले ही दम तोड़ चुके हैं। अब सोचिए कि तेश में तालाबों की ऐसी बुरी स्थित होने के बाद भी एक तालाब ऐसा है, जो कभी नहीं सूखता है।
जी हाँ, ये तालाब दक्षिण भारत के कांचीपुरम् में हैं, जहाँ बगवान वरदराज को सैकड़ों साल पहले मुस्लिम आक्रान्ताओं से बचाकर वहाँ के पुजारियों ने एक तालाब में छुपाकर रख दिया था र ये परंपरा सैकड़ों सालों से आज भी चली आ रही है, जब भगवान अत्ति वरदराज को 40 सालों के लिए इस सलिल से निकालकर लगभग 48 दिनों के लिए दर्शन के लिए रखा जाता है।
ग़ौरतलब है कि इन 48 दिनों के दौरान इस तालाब को कृतिम तरीक़े के ख़ाली किय जाता है, ताकि कांची के भगवान वरदराज का सभी लोग दर्शन कर सकें। 48 दिनों तक दर्शन के पश्चात इस तालाब को पुनः जल मग्न कर दिया जाता है।
दिलचस्प है कि अत्ति वरदराज की प्रतिमा लकड़ी की बनी है। यह लगातार पानी में रहती है। फिर भी यह नहीं सड़ती। प्रतिमा के मूल स्वरूप में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। प्रतिमा पर किसी तरह का लेप नहीं किया जाता। जिस तरह निकाला जाता है, वैसे ही फिर रख दिया जाता है।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop App वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.