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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यहां गुरुवार को कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय पांच-पांच और कॉलेज एक-एक गांव गोद ले। ऐसा हुआ तो उच्च शिक्षा के साथ प्रदेश की भी तस्वीर बदल जाएगी। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कुलाधिपति आनंदीबेन ने कहा कि कॉलेजों को जल्द ही आने वाली कार्यपरिषद की बैठक में इस पर निर्देश भी दिए जाएंगे। जल्द ही इस संबंध में कुलपतियों की बैठक होगी, जिसमें उन्हें गांवों में क्या करना है, इसका ब्लूप्रिंट दे दिया जाएगा। सभी मिलकर गांवों में काम करेंगे। ऐसा होने पर अगले पांच साल में प्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी।
राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने यह प्रयोग मध्यप्रदेश में किया था, जो सफलता की राह पर अग्रसर है। उप्र में भी ऐसे प्रयोग होते रहने चाहिए। लक्ष्य तय होगा तो परिणाम भी सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि यह सत्र का पहला दीक्षांत है, जिसमें ए.आर. नारायणमूर्ति जैसी महान शख्सियत को डीएससी की उपाधि दी गई।कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र आत्मविश्वास है। वास्तविक जीवन में भी वही लोग सफल होते हैं जो अत्यधिक कुशल होते हैं।
उन्होंने कहा, "शिक्षा का उद्देश्य चहुंमुखी विकास मानकर महामना मदन मोहन मालवीय जी के नाम पर इस संस्थान की स्थापना हुई थी। विद्यार्थियों से अपील है कि वे मालवीयजी का मंत्र अपने जीवन में उतारें।"राज्यपाल ने कहा, "पंडित दीन दयाल उपाध्याय कहते थे कि जो विदेशों से ग्रहण करिए, उसे देशानुकूल बना लीजिए और अपने देश की जो चीज विदेशों में भेजिए, उसे युग के अनुकूल बनाकर दीजिए। आज हमें उसी सिद्धांत पर काम करना होगा।"
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्र-छात्राओं को असफलता से घबराना नहीं चाहिए, असफलता जिंदगी का एक पड़ाव है, उससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है। छात्र डिग्री पाकर सिर्फ नौकरी के पीछे न भागें, बल्कि समाज के उत्थान में आपकी क्या भूमिका हो सकती है, इस पर भी चिंतन करें। योगी ने कहा, "दीक्षांत समारोह गुरुकुल की परंपराओं एवं उपनिषदों की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है। यह सत्य बोलने, धर्म के मार्ग पर चलने एवं स्वाध्याय से कभी विमुख न होने की प्रेरणा देता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "पहले प्रदेश में भूख से मौत होने की खबरें अक्सर सामने आती थीं, मगर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही 15 करोड़ लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाया गया। सरकार ने गड़बड़ी रोकने के लिए राशनकार्डो की जांच करवाई और उसे आधार से जोड़कर ई-पॉश मशीनें लगाई गईं।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साल 2024 तक हर घर नल योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है। इसमें तकनीक का कैसे बेहतर उपयोग हो सकता है, इसके लिए प्रौद्योगिकी के छात्रों को आगे आना चाहिए। नदियों के प्रदूषण को रोकने, सस्ते आवास बनाने जैसे लोक कल्याणकारी कार्यो में भी बेहतर तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रौद्योगिकी संस्थानों को आगे आना चाहिए।
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के बाद आनंदीबेन मुख्यमंत्री योगी के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचीं। मंदिर परिसर में पहुंचते ही 201 वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका स्वागत किया। मंदिर में राज्यपाल ने सबसे पहले गुरु गोरक्षनाथ की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और उसके बाद ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ का आशीर्वाद लिया।
आईएएनएस
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