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गणपति बप्पा का त्यौहार चल रहा है। इसी बीच लोगों ने अपने घरों में गणपति जी की स्थापना करली है। बता दें कि कई लोगों ने अब तक गणेश जी का विसर्जन भी कर दिया है। बता दें कि इसी बीच मुंबई में लोग पूरे जोरशोर से इस त्यौहार को मनाते हैं। बता दें कि इस प्रदेश में एक खास जगह है जहां पर आपको गणेश जी की सबसे बड़ी प्रतिमा मिलती है। इसी के साथ ही इस मूर्ती को लालबागचा राजा कहा जाता है।
इस मूर्ती की खास बात ये होती है कि इसके दर्शन करने के लिए हर जगह से भक्त आते हैं। बता दें कि इसी के साथ ही इसका आकार इतना बड़ा होता है कि कोई भी इसको देख कर मंत्रमुग्द हो जाए। बता दें कि इस जगह में लगने वाली मूर्ती के पीछे की एक कहानी है। लालबाग में एक मार्केट थी और इस मार्केट को वापस से बनाने के लिए पैसे की जरूरत थी।
मगर इस जगह के मछवारों ने अपना सब कुछ बेच कर गणपति की एक मूरत लकर रखदी थी। बता दें कि इसके बाद लोगों की प्रार्थना भगवान ने सुनली और सारी मार्केट वापस से पटरी पर आ गयी। बता दें कि इसको स्थापित करने वाले लोग आज भी जिंदा हैं। इस जगह को सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल कहते हैं। इसकी स्थापना साल 1934 में की गयी थी। इसीलिए इस जगह पर गणेश को नवसाचा गणपति कहते हैं। इसका अर्थ होता है सबकी कामना सुनने वाला।
इस जगह पर पिछले 80 सालों से गणेश जी की स्थापना करने वाला कांबली परिवार है। खास बात ये है कि इस पंडाल में दो तरह की लाइन लगती है। एक मुखदर्शनिची और दूसरी नवसाचा लाइन। इन दोनों में अंतर ये है कि नवसाचा वो लाइन होती है जिसमें लोग प्रार्थना करते हैं और अगर भगवान से कोई मनोकामना पूरी करवानी हो उसके लिए आते हैं। इसके बाद मुखदर्शनिची वो लाइन होती है जहां पर लोग पास से बप्पा के दर्शन करने के लिए आते हैं।
लालबाग की खास बाते ये होती है कि इस को पूरे 11 दिन के लिए स्थापित किया जाता है इसी के साथ ही देश का सबसे लंबा विसर्जन होता है। लालाबागचा राजा का विसर्जन सुबह 10 बजे से शुरु होकर अगले दिन सुबह तक चलता है।
इसी खास वजह से लालाबागचा राजा कहलाता है।
Anida Saifi
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