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शिक्षक हर बच्चे की जिंदगी में एक अहम स्थान रखता है। क्योंकि उनकी दी हुई सीख ही हमें भविष्य के लिए तैयार करती है। कहते हैं कि हमारी सफलता पर जिन्हें सबसे ज्यादा गर्व महसूस होता है वह हमारे माता-पिता के अलावा टीचर्स ही होते हैं। स्कूल या कॉलेज के दिनों में बहुत से शिक्षक ऐसे रहे हैं जो हमें बहुत पसंद हुआ करते थे। लेकिन समय के साथ आगे बढ़ते हुए बेशख उन टीचर्स का साथ हमेशा हमारे साथ न रहता हो, लेकिन उनकी दी हुई शिक्षा हमें हमारे साथ रहती है। उन्होंने जो भी हमें पढ़ाया और सिखाया उसी के दम पर हम अपने करियर में तो सफलता हासिल करते ही हैं, साथ ही समाज की भी कई परेशानियों का सामना करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
शिक्षक अपने पढ़ाए बच्चों को जब जिंदगी में सफल होते हुए देखते हैं तो बहुत गर्व महसूस करते हैं। लेकिन वहीं दूसरी ओर हमारे समाज के ही बहुत से ऐसे टीचर्स भी हैं, जिन्हें देखकर बच्चे इस बात को गर्व से कहते हैं कि उन्होंने इस अध्यापक से शिक्षा हासिल की है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ आम टीचर्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्हें उनके योगदान और कड़ी मेहनत ने खास बना दिया।
अजयवीर:- ओडिशा में 'जिंदगी' नाम से कोचिंग सेंटर चलाने वाले अजयवीर आज दुनियाभर के लिए एक के रूप में उभरकर सामने आए हैं। वह ओडिशा के निम्न आय वर्ग के बच्चों को नीट (NEET) की फ्री कोचिंग देते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि उनके पढ़ाएं हुए सभी 14 स्टूडेंट्स ने 2019 की परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्होंने अपने छात्रों की मुफ्त पढ़ाई के लिए चाय तक बेची है। लेकिन उनकी कड़ी तपस्या को न सिर्फ उनके स्टूडेंट्स, बल्कि पूरी दुनिया सलाम करती है।
आनंद कुमार:- शायद ही कोई शख्स होगा जो आज आनंद कुमार को नहीं जानता। बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के अभिनय से सजी फिल्म 'सुपर 30' भी उन्हीं पर आधारित है। आनंद कुमार इसी नाम से अपना एक कोचिंग सेंटर चलाते हैं, जहां अपने गरीब बच्चों को इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम (IIT-JEE) की फ्री तैयारी करवाते हैं। आपको बता दें कि, उनके इंस्टीट्यूट सुपर 30 में हर साल 30 बच्चों सेलेक्शन IIT में होता है।
आशीष डंगवाल:- कुछ वक्त पहले उत्तराखंड के टीचर आशीष डंगवाल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही थी। जब उनका यहां से तबादला हुआ तो गांव वालों ने खूब ढ़ोल-नगाड़ों के बीच उन्हें विदाई दी। उनके जाने से जहां एक स्कूल के हर बच्चे की आंखें नम थीं, वहीं पूरे गांव के लोगों की आंखों में आंसूओं की धारा थी। आशीष एक बेहतरीन अध्यापक होने के साथ-साथ सरल और मिलनसार स्वभाव वाले व्यक्ति भी हैं। उनके इसी अपनेपन ने हर किसी के दिल को छुआ है।
सुनील कुमार:- पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों की सफाई पर भी कैसे ध्यान दिया जाना चाहिए इसके लिए बुलंदशहर के सुनील कुमार सभी के लिए एक मिसाल है। उन्होंने अपने ही स्कूल में लड़कियों के लिए टॉयलेट बनवाया है। इस स्कूल में लगातार लड़कियों की उपस्थिति कम होती जा रही थी। जब उन्हें इस कारण का पता चला तो उन्होंने बच्चियों के लिए शौचालय बनवाने का निर्णय किया।
पीटर तबिची:- अफ्रीका के रहने वाले पीटर गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए हमेशा कोई न कोई नया कार्य करते रहते हैं। यहां तक की वह बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी सैलरी तक दान में दे देते हैं। पीटर तबिची को उनक अनोखे काम के लिए ग्लोबल टीचर प्राइज के अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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