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बाएँ हाथ का अधिक प्रयोग या फिर लिखने और खाने सहित अपना पूरा काम बाएँ हाथ से करने वालों को तो आपने ज़रूर ही देखा होगा। कई बार माता-पिता या फिर अन्य लोगों के द्वारा हमें प्रत्येक कार्य को दाहिने हाथ से करना ही सिखाया जाता है। लेकिन हमारे बीच में ही कुछ बच्चे ऐसे भई होते हैं, जिनमें बचपन से ही लिखने, खाने और अन्य कामों में उनका बायाँ हाथ की काम करता है, जिसकी उन्हें बचपन से ही आदत पड़ी होती है, जबकि इससी आदत से पीछा छुड़ाने के लिए उन्हें ख़ूब डाँट पड़ती है, लेकिन अंततः बाएँ हाथ से लिखने की उनकी आदत नहीं जाती है। इस पर एक नया ख़ुलासा हुआ है।
जी हाँ, ब्रितानी वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि बाएँ हाथ से लिखने के लिए जीन ज़िम्मेदार हैं। डीएनए में जीन एक तरह के सुझाव सुझाव देता है जो किसी व्यक्ति के बाएँ हाथ का होने यानी कि लेफ़्टी होने से जुड़ा हुआ होता है। ग़ौरतलब है कि ये सुझाव दिमाग़ की बनावट, उसके काम करने के तरीक़े व भाषाई क्षमता पर असर डालते हैं।
आपको बता दें कि ऑक्फोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस वजह से बाएँ हाथ से काम करने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है। ये बात भी काफी दिलचस्प है कि दुनिया में दस में से एक इंसान बाएँ हाथ से काम करता है।
कुछ लोग ऐसा भी मानते हैं कि दाहिने हाथ की तुलना में हर कार्य में बाएँ हाथ का प्रयोग करने वाले लोग ज्यादा प्रभावशाली होते हैं। उनमें एक अलग प्रकार की चमक पाई जाती है तथा वे अन्य लोगों से अधिक कुशल माने जाते हैं।
Author: Amit Rajpoot
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