Forgot your password?

Enter the email address for your account and we'll send you a verification to reset your password.

Your email address
Your new password
Cancel
यूँ तो ज़्यादातर लोगों का सपना होता है कि वह ढ़ंग से पढ़े-लिखे और फिर किसी बढ़िया से मेट्रो शहर में जाकर बसे और फिर अपनी लाइफ़ को बहुत ही अच्छे से लग्ज़री तरीक़े से काट लें। ऐसे में यदि कोई दिल्ली जैसे शहर में रहकर पढ़ा हो और बैंगलोर जैसे शहर में काम करने लगा हो तो अचानक से उससे आप यह सुझाव दें तो या फिर वह स्वयं यह निर्णय ले ले कि वह अब इसके बाद ओडीशा जैसे राज्य के आदिवासी किसानों के साथ न सिर्फ़ काम करेगा बल्कि उन्हीं के साथ रहेगा भी तो हर कोई उसे शायद उसे पागल ही कहेगा और ऐसे ही पागलपन वाली एक नौजवान हैं अनिका पांडे।
जी हाँ, आपको बता दें कि अनिका पांडे उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद की रहने वाली हैं और दिल्ली में रहकर इन्होंने श्रीराम कॉलेज़ ऑफ़ कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के बाद अनिका पांडे बैंगलोर चली गयीं और वहाँ ‘गोल्डेन सेस एसेट मैनेजमेंट’ के साथ काम करने लगीं। अच्छी बात यह रही कि यहाँ अनिका पांडे एक एनजीओ ‘मैजिक बस फाउंडेशन’ के लिए बतौर वॉलंटटियर काम करने लगीं। बस, यहीं से उनमें समाज के लिए कुछ बेहतर करने का विचार पनप आया और ये देश के सुदूर गाँव के लोगों के उत्थान में जुट गयीं।
अनिका पांडे के इस उद्देश्य के क्रम में उन्होंने आदिवासी किसानों के साथ काम करना चाहा और इसके लिए वह ओडीशा के एक एनजीओ के साथ जुड़ गयीं। इसके लिए वह बंगलौर और दिल्ली को छोड़कर ओडीशा के जगपति ज़िले में जाकर बस गयीं। यहाँ उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र से मधुमक्खी पालन का कौशल प्राप्त किया और अत्याधुनिक तरीक़े से मधुमक्खियों के छत्तों से बिना मधुमक्खियों को कोई नुकसान पहुँचाये शहद निकालना वहाँ के किसानों को सिखाया जिससे उनको अतिर्कित आय मिलने लगा और किसानों की हालत में सुधार आया।
ये बात भी ग़ौर करने लायक है कि अनिका पांडे दिल्ली छोड़कर ओडीशा के आदिवासी किसानों के साथ भारतीय प्रजाति की मधुमक्खियों के पालन का भी काम कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने ढेर सारे किसानों के कई समूह भी बनाए हुए हैं।
Author: Amit Rajpoot
ऐसी रोचक और अनोखी न्यूज़ स्टोरीज़ के लिए गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें Lopscoop App वो भी फ़्री में और कमाएँ ढेरों कैश आसानी से!
YOUR REACTION
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

Add you Response

  • Please add your comment.