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आमतौर पर अगर हम कभी बाहार दोस्तों के साथ चाय-कॉफी पीने के लिए जाते हैं तो कोई करते हैं कि कम से कम पैसों में बेहतरीन टेस्ट मिल सके। अगर कभी किसी कॉफी के लिए 65 रुपए भी खर्च करने पड़ जाए तो हमें यह बहुत महंगा लगता है। लेकिन वहीं दूसरी ओर आज हम आपको एक ऐसी कॉफी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके एक कप की कीमत 100-200 नहीं, बल्कि पूरी 65 हजार रुपए है। इसे दुनिया की सबसे महंगी कॉफी माना जाता है। इस कॉफी को पीने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं।
अपने बेहद खास स्वाद के लिए मशहूर इस कॉफी की शुरूआत एक गलती के कारण हुई थी, जिसकी वजह से आज यह दुनियाभर के लिए लोगों में खूब पसंद की जा रही है। इस कॉफी को जो बात खास बनाती है वह है कि ये 22 साल पुरानी है। इसे बानने के लिए कॉफी के बीज को पीसकर एक कपड़े वाली छलनी में डाल दिया जाता है। इसके बाद इस पर गर्म पानी डाला जाता है। इस प्रक्रिया को करने पर कपड़े में से कॉफी की पहली बूंद ही 30 मिनट बार गिरती है।
इसे बनने में बेशक जरूरत से ज्यादा वक्त लगता है, लेकिन इसका स्वाद ऐसा होता है कि आप बाकी सभी चीज भूलकर इसमें खो जाएंगे। इसके बाद इस कॉफी को लकड़ी के एक बैरल में भरकर स्टोर कर दिया जाता है। इसे 2 दशक तक ऐसे ही रखे रहने के बाद बैरल में लगे नलों के जरिए निकाला जाता है। लंबे समय तक स्टोर रहने के कारण इस कॉफी का स्वाद डार्क चॉकलेट और शराब जैसा हो जाता है।
यह कॉफी जापान के ओसाका शहर में स्थित मंच हाउस में सर्व की जाती है और यही दुनिया का एकमात्र ऐसा कैफे है जहां आपको इस कॉफी का स्वाज चखने के लिए मिलेगा। इस कॉफी की शुरुआत कैफे के मालिक तनाका की एक गलती के कारण हुई, जो पहले आइस कॉफी बेचा करते थे। इसे बनाने के लिए उन्हें कॉफी को फ्रिज में रखना होता था, ताकि वह जल्दी तैयार हो जाए। लेकिन एक दिन उनसे कॉफी के कुछ पैकेट फ्रिज में ही रह गए। डेढ़ साल के बाद उनकी नजर इन पैकेट्स पर पड़ी। लेकिन उन्होंने इसे फेंका नहीं, बल्कि कॉफी बनाकर खुद ही इसे पीने बैठ गए।
दरअसल, वह देखना चाहते थे कि इतने वक्त के बाद इसके स्वाद में क्या फर्क आता है। तनाका का इस बारे में कहना है कि, जब उन्होंने पुरानी कॉफी को ग्राइंड करके बनाया वह यह देखकर हैरान रह गए कि ये बिल्कुल सही, बल्कि इसका स्वाद बहुत अलग है और एक अलग तरह की खूशबू भी आ रही है। इसके बाद से उन्होंने फैसला कर लिया कि वह सालों तक कॉफी को स्टोर करके रखेंगे और अपने ग्राहकों को सर्व करेंगे। तनाका ने इसके लिए लकड़ी के बैरल लेकर उसमें कॉफी भरकर उसे 10 सालों के लिए स्टोर कर दिया। लेकिन तब इसका स्वाद किसी सीरप जैसा लगा।
इसके बाद उन्होंने इस कॉफी को अगले 10 साल के लिए और रख दिया। अब इसका टेस्ट अल्कोहल जैसा हो गया था। इसे उन्होंने जब अपने ग्राहकों को सर्व किया तो उन्हें ये स्वाद बेहद पसंद आया और कुछ अनोखा लगा। इसके बाद से ही तनाका ने यह कॉफी बनानी शुरू कर दी, जो आज दुनिया की सबसे महंगी कॉफी बन चुकी है।
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