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आज 21वीं सदी में भी जब महिलाएँ अपना दायरा बढ़ाती हैं और उसकी ज़द में जब पुरुष आने लगते हैं तो किसी भी महिला को उस कुचक्र को तोड़ना काफी मुस्किल भरा हो जाता है और जब कोई महिला इसे तोड़ जाती है तो उसे शक्ति स्वरूपा देखा जाता है और वह हिरोइन कहलाती है। तो चलिए आज हम आपको ऐसी ही एक हिरोइन के बारे में बताते हैं और वह हैं लाईबी ओइनाम। लाईबी ओइनाम मणिपुर की रहने वाली हैं, जिन्होंने अपने काम से अपने परिवार और समाज को आइना दिखा दिया।
जी हाँ, आपको बता दें कि चूँकि लाईबी के पति मधुमेय के रोगी होकर घर पर बैठ गये थे और बच्चे छोटे थे, लिहाजा पि का इलाज और बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा लाईबी के सामने था। ऊपर से पति और बच्चे दोनों ही लाईबी को सपोर्ट नहीं करते थे, क्योंकि वह उनका पेट भरने, पति का इलाज कराने और बच्चों को पढ़ाने के लिए पहले ईंट के भट्ठे पर और फिर बाद में ऑटो चलाने लगी थीं।
हैरानी की बात है कि लाईबी का पति उसने पैसे से ईलाज के अलावा शरीब भी पी जाता था और ऑटो भी लाईबी ने यूँ ही नहीं चलाना सीखा था बल्कि इसके लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी था, क्योंकि वह तो ऑटो चलाना जानती ही नहीं थीं। दरअसल शुरू में लाईबी ने ऑटो किराए पर चलवाया, लेकिन ड्राइवरों की लापरवाही के चलते उन्होंने ख़ुद ऑटो चलाना सही समझा।
अब जब मणिपुर जैसे इलाक़े में लाईबी ने सड़क पर ख़ुद ही ऑटो की स्टेयरिंग थामी तो लोगों को बड़ा अजीब लगा, ख़ुद लाईबी के पति और बेटों को। ऐसे में जब वो सड़क पर ऑटो लेकर निकलीं, तो उनके साथ बहुत ज़्यादती हुई। उनका पति शराब पीकर उन्हें मारता था और लोगों की बातों से बच्चे भी उनसे नफ़रत करने लगे थे। मगर लाईबी चट्टान की तरह अडिग रहीं।
आपको बता दें कि धीरे-धीरे उन्होंने ऑटो चलाते हुए किसी तरह से अपने परिवार की स्थिति को संभाला। तभी, साल 2011 में इनके जीवन ने एक नया मोड़ लिया जब एक स्थानीय फिल्म निर्माता मीना लोंग्जाम का ध्यान लाईबी पर गया। उन्होंने लाईबी ओइनाम की कहानी को उजागर करती एक डॉक्यूमेंट्री बनाई जिसे साल 2015 में नॉन फिक्शन कैटेगरी में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
बस, फिर क्या था, यहीं से लाईबी के जीवन में नया मोड़ आ गया। इस फिल्म ने लाइबी के प्रति लोगों के नज़रिये को ही बदल दिया। जो लोग कभी इनके पेशे का मज़ाक बनाते थे, आज वही आगे बढ़कर इनका प्रोत्साहन करते नहीं थकते और इनकी हर संभव सहायता भी करते हैं। डॉक्यूमेंट्री के बाद उनकी कमाई भी बढ़ने लगी। उन्होंने अपने लिए एक नया ऑटो खरीदा और घर बनाने के लिए लोन भी लिया। यक़ीनन लाईबी से अनेक महिलाओं को प्रेरणा लेने की ज़रूरत है।
Author: Amit Rajpoot
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