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नवरात्र का पावन अवसर शुरु हो चुका है, जहां देशभर में इन 9 दिनों मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा अराधनी की जाएगी। वहीं, इसके साथ-साथ इन 9 दिनों तक रामलीला मंचन भी शुरु हो जाएगा। रामलीला में मर्यादा पुरुर्षोत्तम राम के जीवन की प्रमुख घटनाओं को 9 दिनों तक नाट्य रूप में दर्शाया जाता है। वहीं, 10वें दिन भगवान राम के हाथों बुराई पर अच्छाई की जीत दिखाते हुए दशहरे के दिन ‘रावण वध’ किया जाता है। बचपन से लेकर अब-तक आपने कई बार रामलीला में रामायण की पूरी कहानी देखी होगी, कैसे भगवान राम का जन्म होता है और फिर कैसे उनका विवाह माता सीता के साथ तय किया जाता है और फिर क्यों राम, उनकी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण वनवास पर चले जाते हैं। वनवास के दौरान कैसे रावण की नजर माता सीता पर पड़ती है और वो उनका हरण करके लंका ले जाता है। भगवान राम दशमी के दिन रावण का वध करके माता सीता उन्हें बचाते हैं। बड़े ही खूबसूरत तरीके से इस पूरी रामायण को इन 9 दिनों तक दिखाया जाता है।
इतनी रामायण और रामलीला देखने के बाद ज्यादातर लोगों को लगता है कि वो पूरी रामायण अच्छे से जान गये हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है... कई ऐसे भी तथ्य है जिनसे ज्यादातर लोग वाकिफ नहीं है अनजान हैं। अगर आपको लगता है कि आप उन लोगों में से नहीं हैं... तो हमारे इन सवालों के जवाब दीजिए!
राम ने भगवान शिव का जो धनुष तोड़ा था, उसका क्या नाम था?
रामायण में जिक्र है कि भगवान राम ने सीता से विवाह के लिए उनके स्वयंवर में हिस्सा लिया था। सीता के पिता महाराज जनक ने सीता के स्वयंवर में ऐलान किया था कि जो भी शिव धनुष को उठा लेगा वह उसका विवाह सीता से कर देंगे। कोई भी राजकुमार उस धनुष को उठा नहीं पाया, सिवाये भगवान राम के। क्या आप इस धनुष का नाम जानते हैं? इस धनुष का नाम है ‘पिनाक’।
उस वन का क्या नाम था जहां भगवान राम, सीता और लक्ष्मण वनवास काट रहे थे?
रामायण में भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण 14 वर्ष के वनवास पर गये थे, इस दौरान उन्होंने अपना समय वन में ही काटा... ये तो हर कोई जानता है... लेकिन क्या आप जानते हैं वह सभी किस वन में रह थे? उस वन का क्या नाम था जहां उन तीनों ने वनवास काटा। इस वन का नाम ‘दंडकारण्य’ था। आपको बता दें, ये वन 35 हजार 6 सौ वर्ग मील में फैला हुआ है... आज के समय में ये छत्तीसगढ़, उड़ीसा, महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के हिस्सों में फैला हुआ है।
भगवान राम की भाइयों के अलावा एक बहन भी थी, उसका क्या नाम था?
रामायण में श्रीराम और उनके माता-पिता और भाइयों का जिक्र किया गया है। लेकिन इनके अलावा आपको जानकर हैरानी होगी कि भगवान राम की एक बहन भी थी, उनका नाम था ‘शांता’। शांता अपने चारों भाइयों में बड़ी थी। कहा जाता है कि एक बार अंगदेश के राजा रोमपद और उनकी रानी अयोध्या आये थे, उनकी कोई संतान नहीं थी और वह बहुत दुखी थे। उनके दुख को दूर करने के लिए राजा दशरथ ने उन्हें अपनी बेटी शांता को संतान के रूप में सौंप दिया था।
रामसेतु बनाने में कुल कितने दिन लगे थे?
रामसेतु को बनाने में कुल 5 दिन लगे थे। पहले दिन 14 योजन दूसरे दिन 20 योजन तीसरे दिन 21 योजन चौथे दिन 22 योजन और पांचवे दिन 23 योजन पुल बनाकर कुल मिलाकर 100 योजन लंबाई का रामसेतू पुल बनाया गया था।
भगवान राम विष्णु के अवतार थे, तो उनके भाई किस के अवतार थे?
ये तो हर कोई जानता है कि भगवान राम विष्णु भगवान के अवतार थे, लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि उनके भाई लक्ष्मण को शेषनाग का अवतार माना जाता है। वहीं भरत और शत्रुध्न भगवान विष्णु के हाथों में सुदर्शन चक्र और शंक का अवतार थे।
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