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नागिन सीरियल देखने वाले तो 'केचुली' से अच्छी तरह वाकिफ होंगे कि आखिर ‘केचुली’ होती क्या है? केचुली सांप की पुरानी स्किन होती है, जिसे वह समय-समय पर अपने शरीर से निकाल देते हैं। हाल ही में कर्नाटका के कनकपुरा गांव में एक ऐसी केचुली देखने को मिली, जिसे देखकर हर कोई हका-बका रह गया। दरअसल, ये देखने में कोई आम सांप की केचुली नहीं बल्कि 7 सिर वाले सांप की केचुली थी।
जैसे ही लोगों ने इस अजीब-सी दिखने वाली केचुली को देखा हंगामा मच गया, लोग इसे भगवान मानने लगे।
फिर क्या था गांव वालों ने इस केचुली को उठाकर मंदिर में रख दिया और फिर हल्दी-चंदन का टिका लगाकर इसकी पूजा करनी शुरू कर दी। गांव वालों को ये करता देख खबर बाहर निकली और फिर दूसरे गांव के लोग भी इस केचुली के दर्शन करने इस गांव आने लगे।
आपको बता दें, गांव वालों का कहना है कि ये पहली बार नहीं कि इस तरह की केचुरी मिली है, इससे पहले भी 7 सिर वाले सांप की केचुरी मिली थी, ये दूसरी बार ऐसा हुआ है। जो सिद्ध करती है कि इस गांव में ईश्वर का वास है, इस 7 सिर वाले सांप के भेष में ईश्वर खुद यहां वास कर रहे हैं। गांव वाले इस सांप को शेषनाग बता रहे हैं। उनका मानना है कि शेषनाग उनके गांव में है।
कौन है शेषनाग-
गौरतलब है कि हिंदू पुराणों के अनुसार शेषनाग 7 सिर वाला ही सांप था, जिसपर क्षीरसागर में भगवान विष्णु शयन करते हैं। कहा जाता है कि रामायण में लक्ष्मण शेषनाग के ही अवतार थे। वहीं, कृष्ण के भाग बलराम के अवतार में भी शेषनाग ही थे।
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