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खूबसूरत वादियों से घिरे हिमाचल प्रदेश में बहुत सी जगहें देखने लायक है। सफेद चादर ओढ़े यहां का पहाड़ी इलाका हमेशा ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वैसे तो आपने यहां की कई दिलकश जगहों के बारे में सुना होगा और देखा भी होगा। लेकिन आज हम आपके सामने हिमाचल के एक छोटे से हिलस्टेशन चैल के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो कि एक छोटा सा गांव है। यह जगह देवदार के पेड़ों से घिरी हुई है। करीब 2,226 मीटर ऊंचे पहाड़ के बीच में चैल बसा हुआ है। यहां एक महाराज का पैलेस भी है जिसे आम लोगों के ठहरने के लिए होटल के तौर पर खोल दिया गया है। अगर आप भी कहीं घूमने का मन बना रहे हैं तो इस बार छुट्टियों में चैल की सैर कीजिए। चलिए जानते हैं कि यहां आकर आप किन जगहों पर घूमने जा सकते हैं।
चैल पैलेस:- यहां की सबसे आकर्षक जगहों में से एक चैल पैलेस भी है। इसे 1891 में पटियाला के राजा अधिराज भूपिंदर सिंह ने बनवाया था। इसे आस-पास इतनी हरियाली है कि लोग इसे देखकर ही मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। लेकिन अब इस महल को हेरिटेज होटल का रूप दे दिया गया है।
चैल वाइल्ड लाइफ सेंचुरी:- करीब 110 कि.मी. में फैले इस अभयारण्य में आपको देवदार और बलूत के अलावा कई तरह के पेड़-पौधे देखने के लिए मिलेंगे। इसके अलावा लघुपुंच वानर, कलगीदार साही, गोरल, हिमालय का काला भालू, जंगली सूअर, लाल हिरण, साम्भर और नेप्पड जैसे वन्य भी यहां मौजूद हैं। इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की सैर के दौरान आपको अनेकों अलग-अलग तरह के पक्षी भी दिखाई देंगे।
सिद्ध बाबा का मंदिर:- इस जगह को यहां का मुख्य तीर्थ स्थल कहा जाता है। कहा जाता है कि राजा भूपिंदर सिंह यहां अपना महल बनवाना चाहते थे। एक बार उनके सपने में ऋषि आए और उन्होंने उनसे यहां मंदिर बनवाने के लिए कहा। इसके बाद राजा ने इस जगह पर मंदिर का निर्माण करवाया। जिसे आज सिद्ध बाबा मंदिर कहा जाता है।
गुरुद्वारा साहिब:- इस गुरुद्वारे को 1907 में बनवाया गया था। वैसे तो यह सिखों का धार्मिल स्थल माना जाता है, लेकिन इसे कुछ इस तरह बनवाया गया कि इसकी शैली काफी हद तक गोवा के चर्च से मेल खाती है। यहां हर दिन हजारो श्रद्धालू माथा टेकने के लिए आते हैं।
चैल पहुंचने का रास्ता
दिल्ली से चैल पहुंचने की दूरी 450 किमी है। यहां पहुंचने में आपको 8-9 घंटे का वक्त लग सकता है। अगर ट्रैफिक मिला तो समय ज्यादा भी हो सकता है। अगर आप हवाई यात्रा करते हैं तो इसके लिए आपको शिमला एयरपोर्ट पर ही उतरना होगा। इसके बाद चैल तक पहुंचने के लिए 72 किमी की दूरी है। इसके रेलवे अगर ट्रेन से जाने का विचार है तो सबसे नजदीकी स्टेशन कालका पड़ेगा। यहां से चैल 81 किमी दूर है। जिसके लिए आपको टैक्सी या बस लेनी होगी।
चैल घूमने का सबसे सही वक्त:- यहा जाने के लिए सबसे उचित समय अप्रैल से जून तक का माना गया है। इसके अलावा नवंबर से फरवरी तक भी आप घूमने जा सकते हैं।
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