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स्मिता पाटिल बॉलीवुड इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में ज्यादा वक्त तो नहीं बिताया लेकिन अपने हुनर और काबिलियत की वजह से उन्हें आज भी इंडस्ट्री का एक अहम हिस्सा माना जाता है। स्मिता एक सक्रिय नारीवादी थी, वह ज्यादातर महिलाओं के मुद्दो से संबंधित फिल्मों को प्राथमिकता देती थी, वह अपनी फिल्मों के माध्यम से भारतीय समाज की महिलाओं की प्रगति, उनके सपनों व उनके समाजिक परिवर्तन को अभिव्यस्त करने की कोशिश किया करती थीं। स्मिता का बॉलीवुड करियर भले ही 10 साल का हो, लेकिन इन 10 सालों में उन्होंने लगभग 80 फिल्मों में काम किया था। हालांकि, उनकी जिंदगी के साथ उनका बॉलीवुड करियर भी उस दिन थम गया जब 31 साल की उम्र में वह इस दुनिया को अलविदा कह गईं। स्मिता की मौत आज-तक एक रहस्य बनी हुई है, उनकी मौत 20-01-1961 को मुंबई में हुई।
आइए आज स्मिता के जन्मदिन के मौके पर एक नजर मारते हैं, उनकी छोटी-सी जिंदगी के बड़े से सफर पर-
स्मिता पाटिल का जन्म आज के दिन 17 अक्टूबर 1955 को पुणे के एक मराठी परिवार में हुआ था।
स्मिता ने मराठी स्कूल से अपनी स्कूलिंग और महज 16 साल की उम्र में वह एक न्यूज एंकर के तौर पर काम करने लगी थीं। बताया जाता है कि उस वक्त साड़ी पहनकर खबरे पढ़ने का चलन था, लेकिन स्मिता को जींस पहनने की आदत थी तो वह न्यूज पढ़ते समय जींस के ऊपर ही साड़ी लपेट लिया करती थीं।
स्मिता की प्रतिभा पर नजर पड़ी जाने-माने निर्माता निर्देशक श्याम बेनेगल की, उन्होंने स्मिता की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अपनी एक फिल्म ‘चरणदास चोर’ में एक छोटा-सा रोल ऑफर किया।
इसके बाद उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई और उन्होंने 80 के दशक में बॉलीवुड जगत का रूख किया। इसी दौरान उन्हें अमिताभ के साथ ‘नमक हलाल’ व ‘शक्ति’ जैसी फिल्मों में काम करने का मौका मिला।
इस छोटे से वक्त में इंडस्ट्री स्मिता की प्रतिभा की धनी हो गई और उन्हें भारतीय सिनेमा में अपने अमूल्य योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
जैसे हमने बताया स्मिता नारीवाद की प्रचारक थी, वह औरतों के संघर्षों को अपनी फिल्मों में उजागर करती थीं। इसी काम के लिए उन्हें फिल्म ‘मिर्च-मसाला’ के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल हुई। इस फिल्म में व्यवस्था के बीच पिसती महिला के जज्बे और संघर्ष को दिखाया गया था।
यही नहीं फिल्म भूमिका और चक्र में उनके उम्दा किरदार के लिए उन्हें 2 राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रोफेशन लाइफ के साथ-साथ स्मिता की पर्सनल लाइफ भी बेहद चर्चित रहा करती थी। उनके प्यार को समाज ने घर तोड़ने वाली महिला करार दिया था। कहा जाता है कि उन्हें अभिनेता राज बब्बर से प्यार हो गया था, उस वक्त वह पहले से शादीशुदा थे उनकी पत्नी का नाम था नादिरा। प्रतिक बब्बर के 2 बेटे हैं, उनकी पत्नी नादिरा से उन्हें आर्य बबर था और स्मिता से प्रतीक बब्बर।
हालांकि, प्रतीक बब्बर के जन्म के बाद स्मिता इस दुनिया को अलविदा कह गईं। बताया जाता है कि स्मिता को वायरल इन्फेक्शन की वजह से ब्रेन इन्फेक्शन हो गया था।
31 की उम्र में वह 13 दिसंबर 1986 को इस दुनिया को अलविदा कह गईं, स्मिता की आखिरी इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार एक सुहागन महिला की तरह किया जाए। इस वजह से उन्हें बिल्कुल सुहागन की तरह तैयार किया गया था।
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