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इस साल का हंगर इंडेक्स देखने के बाद पता चला कि देश में कितने ज्यादा लोग रात में भूखे सोते हैं। इसी के साथ ही आज पूरी दुनिया गरीबी को मिटाने के काम में लगी है। बता दें आज के ही दिन हर साल International Day for the Eradication of Poverty मनाया जाता है। इस दिन की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने की थी। इस दिन का मक्सद होता है कि दुनिया में जितनी भी गरीबी है उसको खत्म कर दिया जाए। 1993 में मनाये गये इस दिन के बारे में जानिये क्या होता है खास।
क्या करते हैं लोग...
अक्सर इस दिन लोग और साथ ही बड़े संस्थान चैरिटी करते हैं। इसी के साथ ही सरकार से गुजारिश करते हैं कि देश से गरीबी हटाएं और हर एक इंसान को मुख्यधारा से जोड़े। इसी के साथ ही कई जगह रंगा रंग कार्यक्रम भी करवाए जाते हैं। इन सबका मक्सद होता है देश की सरकार की नजर में गरीबी लाना। इसी के साथ ही इसको जड़ से खत्म करना।
इतिहास
आज के टाइम मे आपको हर जगह पर इस तरह की गरीबी दिख जाएगी। इसी के साथ ही इस खास दिन कि शुरुआत करने के पीछे कई लोगों की कोशिश थी। साल 1987 में 17 अक्तूबर को 1 लाख से ज्यादा लोग पैरिस, फ्रांस में जमा हुए। वो भी उन लोगों के लिए जो गरीबी, भुखमरी और किसी भी अपराध का शिकार हुए हैं। इसके बाद ही हर साल अंओपचारिक तरीके से लोग इस तरह से एक जगह पर जमा होकर सरकार से गरीबी हटाने की मांग करते थे।
इसके बाद साल 1992 में संयुक्त राष्ट्र की एक असेंबली में 17 तारीख को इस दिन की घोषणआ करदी गयी थी। इसके बाद साल 1995 में निर्धआरित हुआ कि एक सत्र तैयार किय जाएगा जिसमें 1997 से 2006 तक हर एक दुनिया के बड़े लीडर को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनके देश से गरीबी खत्म हो जाए।
आधिकारिक तौर पर इस दिन को संयुक्त राष्ट्र में साल 1993 में मनाया गया था। मगर कई जगहों पर इसको साल 1987 ही मनाया जा रहा है।
Anida Saifi
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