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अब-तक आपने धनिये-पुदीने की चटनी, टमाटर की चटनी, लहसून की चटनी, आम की चटनी ज्यादा से ज्यादा अमरूद की चटनी खाये जाने के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको जिस चटनी के बारे में बताने जा रहे है उसका नाम सुनकर ही आपके तन-बदन में सुरसुरी दौड़ उठेगी। ये है लाल चींटियों की ‘चटनी’। अरे-अरे घिनाइये मत... क्योंकि जिसे आप घिनन कर रहे है असल में कुछ लोग उसे बड़े ही स्वाद से खाते हैं।
अब आप सोच रहे होंगे, जरूर चीन या फिर जापान में इस तरह की घिनौनी चटनी बनाकर खाई जाती होगी, लेकिन नहीं जापान-चीन में नहीं ये लाल चींटियों की चटनी भारत के ही एक जगह खाई जाती है।
वो जगह है छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके के लोग ये चटनी बड़ा ही स्वाद लेकर खाते हैं। इस चटनी को वहां के लोग ‘चापड़ा’ कहते हैं।
आपको बता दें, इन लोगों का मानना है कि ये चटनी केवल स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि सेहतमंद भी होती है। इस चटनी को खाने से डेंगू, मलेरिया व पीलिया जैसी बड़ी बीमारियां आपसे दूर रहती हैं।
यही नहीं आदिवासियों का मनना है कि ये चींटियां बेहद ही लाभदायक होती है, जब भी किसी को बुखार होता है तो वह उसे पेड़ के नीचे ले जाते हैं और इन चींटियों से उसे कटवाते है इससे बुखार जल्दी से उतर जाता है।
ये चटनी केवल घरों में ही नहीं बल्कि बाजार में भी मिलती है। बाजार में इस चटनी की कीमत 400 रूपये किलो तक है। इसके दाम सुनकर ही आप इसे गुणों का अंदाजा लगा सकते हैं।
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