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कार्तिक माह की अमावस्या के दिन दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। इस साल 27 अक्टबूर को पूरे देशभर में इस उत्सव को मनाया जाएगा। इस दिन के लिए लोग काफी समय पहले से ही तैयारियां करनी शुरू कर देते हैं। वहीं बाजारों में भी खूब रौनक देखने को मिलती है। कहते हैं कि इस दिन मां लक्ष्मी हर घर में जाती है। ऐसे में लोग माता के स्वागत के लिए अपने घरों की साफ-सफाई करके बहुत सजाते हैं। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी दीपक की रोशनी से घर में आती हैं। इसके अलावा ऐसी भी मान्यता है कि भगवान राम के अयोध्या वापस आने की खुशी में उनके स्वागत के लिए आयोध्या वासियों ने घी के दीपक जलाकर अमावस्या की काली रात को रौशन कर दिया था। इसके बाद ही इस दिन को दिवाली के रूप में मनाया जाने लगा।
लेकिन लोग मां लक्ष्मी को खुश करने और हर साल अपने घर में उनके स्वागत के लिए उनकी पूजा अर्चना करते हैं। तो चलिए जानते हैं कि इस बार आपको किस मुहूर्त में लक्ष्मी जी की पूजा करनी है।
दिवाली की तिथि और शुभ मुहूर्त
दिवाली और लक्ष्मी पूजन 27 अक्टूबर को किया जाएगा।
अमावस्या प्रारंभ- 27 अक्टूबर, दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से अमावस्या समाप्त- 28 अक्टूबर, सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक प्रदोष काल- 17:36 से 20:14 वृषभ काल- 18:42 से 20:39 महानिशिथ काल- 11:39 से 12:30
महानिशिथ काल में भी पूजा होती है। लेकिन इस समय को केवल पंडित, तांत्रिक और साधकों के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस काल के दौरान महाकाली को पूजा जाता है। कहते हैं कि, इस काल में केवल उन्हीं लोगों का पूजा करना उचित होता है जिन्हें महानिशिथ काल की पूर्ण जानकारी हो।
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